आखिर पाकिस्तान हमारा दुश्मन क्यों है?
हमारे यहाँ ही नही, दुनियाभर में सिस्टम बच्चों को यही सिखाती आईं हैं के किसको प्यार करना है, कितना प्यार करना है और कब प्यार करना है।
हम पैदा समझदार होते हैं लेकिन हमें स्कूल भेजा जाता है ताकि हम जान पायें की हमारा धर्म सर्वश्रेष्ठ है और दूसरों का धर्म बेकार। हमारे मन मे अलग अलग भय बैठा दिया जाता है ताकि बड़े होकर हम भी उसी सिस्टम का भाग बने।
यह धर्म और जाति तक ही सीमित नही होता। हमे बताया जाता है हमें किन देशों को पसंद करना है और किससे नफरत। हम भूल जाते हैं कि अगला भी इन्सान है। हमारी उनके प्रति नफरत हमें यह सोचने भी नही देती की अगले ने हमारा क्या बिगाड़ा।
वो तो स्कूल और मीडिया ने कहा दिया कि पाकिस्तान हमारा दुश्मन है। क्या सचमुच वहां रह रहे लोगों ने अपना कुछ बिगाड़ा है? वे भी उसी सिस्टम का शिकार हैं। उन्हें बताया गया कि हिंदुस्तान उनके लिए खतरा है।
सिस्टम क्या है? इसके पीछे कौन हैं? क्यों हमे हर पल, हर घड़ी गुमराह किया जा रहा है? इसका उत्तर कभी और दूंगा। अभी इतना जान लीजिए के politicians और media भी उसी सिस्टम का शिकार है। चाह कर भी निर्णय नही ले पाते क्योंकि नमक का हक अदा करना है... और society (सत्ता) में बने रहना हैं।
~
AK
Posted via phone; excuse the typos
Problem with the above? Send us an email
हम पैदा समझदार होते हैं लेकिन हमें स्कूल भेजा जाता है ताकि हम जान पायें की हमारा धर्म सर्वश्रेष्ठ है और दूसरों का धर्म बेकार। हमारे मन मे अलग अलग भय बैठा दिया जाता है ताकि बड़े होकर हम भी उसी सिस्टम का भाग बने।
यह धर्म और जाति तक ही सीमित नही होता। हमे बताया जाता है हमें किन देशों को पसंद करना है और किससे नफरत। हम भूल जाते हैं कि अगला भी इन्सान है। हमारी उनके प्रति नफरत हमें यह सोचने भी नही देती की अगले ने हमारा क्या बिगाड़ा।
वो तो स्कूल और मीडिया ने कहा दिया कि पाकिस्तान हमारा दुश्मन है। क्या सचमुच वहां रह रहे लोगों ने अपना कुछ बिगाड़ा है? वे भी उसी सिस्टम का शिकार हैं। उन्हें बताया गया कि हिंदुस्तान उनके लिए खतरा है।
सिस्टम क्या है? इसके पीछे कौन हैं? क्यों हमे हर पल, हर घड़ी गुमराह किया जा रहा है? इसका उत्तर कभी और दूंगा। अभी इतना जान लीजिए के politicians और media भी उसी सिस्टम का शिकार है। चाह कर भी निर्णय नही ले पाते क्योंकि नमक का हक अदा करना है... और society (सत्ता) में बने रहना हैं।
~
AK
Posted via phone; excuse the typos
Problem with the above? Send us an email
